अवैध तरीके से प्लॉट बेचने पर रतलाम के कालोनाइजर सहित दो पर प्रकरण दर्ज

Posted By: Himmat Jaithwar
2/20/2024

 रतलाम । रतलाम में कालोनियों की खेती का काम सालो सी फल फूल रहा है। ऐसे में कई कालोनाइजर आम जनता को चुना लगाकर खुद मालामाल हो जाते है और खरीदार न्याय के लिए चक्कर लगाते रहते है। शहर में ऐसी और कई कालोनिया है जो नियम के विरुद्ध काटी गई है कई कालोनाजरो ने तो नोलो पर भी प्लॉट काट दिए या बगीचे बना दिए। रतलाम कलेक्टर अब ऐसे कालोनाइरो पर नकेल कसने का काम कर रहे है।
रतलाम के कालोनाईजर अनिल झालानी के विरुद्ध अपनी कालोनी मोहन नगर का फर्जी नक्शा तैयार करवाकर बगल की विवेकानन्द कालोनी के प्लाट फर्जी तरीके से बेचने के मामले में धोखाधडी और कूटरिचत दस्तावेज तैयार करने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक मोहन नगर गृह निर्माण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष सूर्यकान्त जैन और सचिव अनिल झालानी ने मोहन नगर के लिए नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा स्वीकृत कालोनी के नक्शे से अलग एक फर्जी नक्शा तैयार करवाया गया और दूसरी कालोनी की भूमि में अवैध भूखण्ड कायम कर उन्हे अन्य लोगों को बेच दिया गया। इस मामले में नगर एवं ग्राम निवेश तथा कालोनी सेल द्वारा जांच किए जाने तथा स्थल निरीक्षण किए जाने के बाद ये तथ्य सामने आए।
शिकायतों की जांच और स्थल निरीक्षण के बाद ये तथ्य सामने आया कि मोहन नगर गृह निर्माण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष सूर्यकान्त जैन और सचिव अनिल झालानी ने मोहन नगर के नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत नक्शे की बजाय एक फर्जी नक्शा तैयार करवाया और इस फर्जी नक्शे के मान से अवैध भूखण्ड कायम कर इन्हे लोगों को बेच दिया।
नगर निगम के उपयंत्री मनीष कुमार तिवारी ने कालोनी सेल द्वारा कराई गई जांच के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र थाने को प्रतिवेदन देकर उक्त आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का निवेदन किया था। दूसरी ओर मनीष शर्मा द्वारा की गई शिकायत की जांच में भी यही तथ्य सामने आए। सवा बीघा जमीन, 8 भूखण्ड बेचे शिकायतकर्ता मनीष शर्मा ने बताया कि मोहन नगर गृह निर्माण सहकारी समिति के मोहन नगर का वास्तविक नक्शा तीन बीघा जमीन का था, जिसे नगर एवं ग्र्राम विेश विभाग ने स्वीकृत किया था। लेकिन मोहन नगर अध्यक्ष सूर्यकान्त जैन और सचिव ने जो फर्जी नक्शा तैयार किया था,उसमें भूमि करीब सवा बीघा बढाकर दर्शाई गई थी। ये भूमि स्वामी विवेकानन्द कालोनी की थी,जिस पर आरोपियों ने करीब 8 अवैध भूखण्ड बेच दिए।



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