रतलाम में गरजे दिग्विजय सिंह: सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से संवाद, राम मंदिर चंदा चोरी और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर बोला बड़ा हमला

Posted By: Rafik Khan
6/28/2026

रतलाम तेज़ इंडिया टीवी। डेस्क में गरजे दिग्विजय सिंह: सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से संवाद, राम मंदिर चंदा चोरी और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर बोला बड़ा हमला
अल्प प्रवास पर रतलाम पहुंचे दिग्विजय सिंह, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह 27 जून याने शनिवार को अल्प प्रवास पर रतलाम के सर्किट हाउस पहुंचे। उनके आगमन को लेकर स्थानीय कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। सर्किट हाउस में दिग्विजय सिंह ने बारी-बारी से सभी विंग के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की। सबसे पहले उन्होंने जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत से मुलाकात कर क्षेत्र में कांग्रेस की आगामी रणनीति और संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद उन्होंने शहर कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और फिर महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान किया।

"राम मंदिर में चोरी करने वालों के लिए मेरे घर के दरवाजे बंद"

कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में हुए चंदे और चढ़ावे की चोरी का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। दिग्विजय सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "जो संगठन भगवान श्री राम के घर यानी उनके मंदिर में चोरी करेगा, उनका मेरे घर आना सख्त मना है।" उन्होंने घोषणा की कि वे खुद इस मुहिम की शुरुआत करेंगे और अपने घर के बाहर बकायदा एक पोस्टर लगाएंगे कि ऐसे संगठनों का उनके घर में प्रवेश वर्जित है। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी के इस मामले से उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।


ट्रस्टियों पर चंदा और चढ़ावा लूटने के गंभीर आरोप

दिग्विजय सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मनोनीत ट्रस्टियों ने ही राम मंदिर में भारी भ्रष्टाचार किया है। आरएसएस के प्रचारक और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के रहते हुए सोने, चांदी और नगद राशि के चढ़ावे में हेराफेरी की गई। उन्होंने खुलासा किया कि सिंधी समाज के लोगों ने मंदिर के लिए 200 किलो चांदी की ईंटें दान में दी थीं, लेकिन आज तक उन्हें इसकी रसीद नहीं दी गई। यही नहीं, मंदिर की जमीन को भी कौड़ियों के दाम लेने की बजाय ऊंचे दामों पर खरीदने का घोटाला हुआ, जिसके खिलाफ आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एसआईटी (SIT) के चेयरमैन से चंपत राय पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से विश्व हिंदू परिषद के लोग भाजपा में शामिल हुए हैं, तभी से राम मंदिर से जुड़े विवाद बढ़े हैं।

"भ्रष्टाचार पर भाजपा की नीति: खूब खाओ, खूब खिलाओ, अकेले मत खाओ"

देश और प्रदेश में चरम पर पहुंचे भ्रष्टाचार पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का सरकार चलाने का एक ही तरीका है— "खूब खाओ, खूब खिलाओ, अकेले मत खाओ, हमें भी हिस्सा दो।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन लिया, जिसके चलते आदर्श फ्लैट अलॉटमेंट घोटाले के सामने आने पर महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके विपरीत, भाजपा भ्रष्टाचार के आरोपियों को संरक्षण देती है। जिन नेताओं पर भाजपा खुद खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, उन्हें बाद में अपनी पार्टी में शामिल कर मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों से नवाज देती है; इसके उदाहरण असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जमीन मामले और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर घेरा

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि राम मंदिर चंदा चोरी घोटाले से देश का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा ने खुद ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ जमीन घोटाले का मामला 'इंडियन एक्सप्रेस' अखबार में छपवाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले का सच सभी को पता है, लेकिन इसे इस वक्त सबसे ज्यादा हाइलाइट करना भाजपा की ही सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने कहा, "मैं खुद इस मामले का अध्ययन कर रहा हूं, इनके सहयोगी रवि सोलंकी ने भी जमीन खरीद कर उस पर होटल खड़ा कर दिया और इनाम स्वरूप उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बना दिया गया। सीएम के क्लासमेट राजेंद्र बदरिया के नाम पर भी कई जमीनें खरीदी गई हैं।" उन्होंने कहा कि आज किसी भी सरकारी दफ्तर में चले जाओ, रेट लिस्ट तैयार रहती है। हाल ही में एक मीडिया स्टिंग में ट्रांसफर कराने और रुकवाने के अलग-अलग रेट का खुलासा हुआ है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के यहां तो बंदूक के लाइसेंस की रेट लिस्ट तक लगी रहती थी। पूरा प्रशासनिक तंत्र भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना पूरी तरह असंवैधानिक

चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पूरी तरह गलत और अवैध तरीके से रिजेक्ट किया गया था। हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर ने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को साफ मना किया था कि फॉर्म कैंसिल मत करो, वरना तुम फंस जाओगे। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर नहीं माने, क्योंकि भाजपा ने उन्हें लालच दिया था कि तुम फॉर्म कैंसिल करो, हम तुम्हें नौकरी में दो साल का सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) देंगे। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए दुख जताया कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस गंभीर विषय पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया।


चंदा चोरी मामले पर पीएम मोदी की चुप्पी और आरएसएस पर निशाना
उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में जब 1000 रुपये की भी चोरी होती है तो एफआईआर दर्ज की जाती है, लेकिन यहां करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी पर लंबे समय तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। अब जब एसआईटी की रिपोर्ट आई तब जाकर मामला दर्ज हुआ, लेकिन उसमें भी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने के बजाय सीधे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया ताकि सच बाहर न आ सके। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस एक अपंजीकृत संस्था है, जिसका न तो कोई सदस्यता रिकॉर्ड है और न ही कोई बैंक अकाउंट। वे कहते हैं कि उनके पास 'गुरु दक्षिणा' आती है; अगर ऐसा है तो कल से मैं भी कह दूंगा कि मेरे पास गुरु दक्षिणा आती है और मैं टैक्स नहीं दूंगा।

नीट (NEET) पेपर लीक और एनटीए (NTA) चेयरमैन की कार्यप्रणाली पर सवाल
NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक के सवाल पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन प्रदीप जोशी और भाजपा के बीच के गठजोड़ को उजागर किया। उन्होंने कहा कि प्रदीप जोशी पूरी तरह आरएसएस से जुड़े हुए हैं। जब वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब तत्कालीन राज्यपाल महावीर ने जोशी की नियुक्ति प्रोफेसर पद पर की थी, जबकि वे कहीं से फर्जी पीएचडी की डिग्री लेकर आए थे। उनके मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद प्रदीप जोशी को एमपी पीएससी (PSC) का चेयरमैन बना दिया गया, जहां उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर न्यूनतम योग्यता कम करके 85 अपात्र प्रोफेसरों का गलत चयन किया। इसकी जांच जब तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक आईएएस अधिकारी को सौंपी, तो उसमें भारी भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। इसके बाद उस आईएएस का तबादला कर होशंगाबाद का कमिश्नर बना दिया गया और प्रदीप जोशी से इस्तीफा दिलाकर उन्हें छत्तीसगढ़ पीएससी का चेयरमैन बना दिया गया। वहां भी गड़बड़ी करने पर उन्हें यूपीएससी (UPSC) का सदस्य बनाया गया। दिग्विजय सिंह ने तंज कसा कि जोशी जितनी बार गड़बड़ी करते हैं, भाजपा उतनी ही उनकी तरक्की कर देती है। यूपीएससी से रिटायर होने के बाद उन्हें एनटीए (NTA) का चेयरमैन बना दिया गया और यही कारण है कि आज देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं।



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