500 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी के आरोपी किशोर वाधवानी के अखबार का पंजीयन रद्द करने की तैयारी

Posted By: Himmat Jaithwar
7/22/2020

गुटखा व सिगरेट का अवैध करोबार कर 512 करोड़ रुपए की कर चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह का मुख्य सरगना आरोपी किशोर वाधवानी के अखबार का पंजीयन रद्द करने की तैयारी की जा रही है। मप्र शासन ने इस संबंध में इंदौर प्रशासन को पत्र लिखा है। डीजीजीआई की जांच में भी यह बात सामने आई थी कि कर चोरी और अवैध काम को अंजाम देने के लिए वाधवानी ने अपने अखबार का गलत उपयोग किया था। अवैध पान मसाला, गुटखा और सिगरेट की सप्लाई में जिन ट्रकों का उपयोग किया जाता था उस पर प्रेस लिखा होता था। वहीं ड्राइवरों के पास प्रेस कार्ड भी मिले थे। इसके साथ ही अखबार की प्रचार संख्या अधिक बताकर विज्ञापन लिए गए और टैक्स चोरी की काली कमाई को सफेद किया गया। 

वहीं किशोर के रिश्तेदार नीतेश वाधवानी के खिलाफ लुकआउट नोटिस और गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। उसके लिए कई बार समन जारी हो चुके हैं, लेकिन वह डीजीजीआई (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस) के सामने बयान देने नहीं आया। नीतेश को आशंका थी कि यदि सुप्रीम कोर्ट से यह आदेश हो जाते हैं कि वह विभाग की जांच में सहयोग करें और बयान दे, तब ऐसे में उसे विभाग के सामने आना पड़ता। इसलिए उसने याचिका वापस ले ली। इससे पहले किशोर वाधवानी ने भी सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ले ली थी। 

नीतेश के साथ ही दो माह से संदीप माटा फरार है। श्याम खेमानी, विनय भाटी, रीना भाटी, विनोद शर्मा, देवेंद्र द्विवेदी और रमेश सिंह परिहार को भी विभाग कई बार समन भेज चुका है लेकिन वे विभाग के सामने नहीं आए हैं। किशोर वाधवानी के साथ केवल विजय नायर, अशोक डागा, अमित बोथरा और संजय माटा ही गिरफ्तार हुए हैं और जेल में हैं। इन सभी को कोर्ट ने 27 जुलाई तक जेल भेजा हुआ है।



Log In Your Account