आयुर्वेदिक कॉलेज का एटीएम काटने का प्रयास करने वाले तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े; सायरन बजने पर भागे थे, रासुका की कार्रवाई

Posted By: Himmat Jaithwar
9/23/2020

भोपाल। राजधानी के पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज के गेट पर लगे एसबीआई के एटीएम काटने का प्रयास करने वाले तीन आरोपियों को चूनाभट्टी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एटीएम काटने की योजना बनाने वाला मास्टर माइंड सावन दारू था, जो हबीबगंज थाने से जिला बदर पेश किया जा चुका है। चूनाभट्टी पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ राजधानी के अलग-अलग थानों में दर्जन भर से ज्यादा केस दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर रासुका के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, रेकी करने के बाद 3 सितंबर को मास्टर माइंड सावन दारू ने अपने दो दोस्तों राजा बर्दल उर्फ बवंडर और विजय के साथ एटीएम काटने की योजना बनाई। तीनों आरोपियों ने दो दिन तक एटीएम की रेकी करने के बाद रात को पहुंचे और उन्होंने सीसीटीवी की स्क्रीन को काली कर दिया। इसके बाद एटीएम काटने लगे, तभी कॉलेज का सायरन बजा और आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। इसकी शिकायत आयुर्वेदिक कॉलेज प्रबंधन ने चूनाभट्टी पुलिस में अगले दिन की थी।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को एक आरोपी मोटरसाइकिल लेकर खड़ा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर रवाना हुई। आरोपी वहां पर मोटर साइकिल लेकर खड़ा था, जो पुलिस को देखते ही भागने लगा, चूनाभट्टी पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसका नाम पता पूछा तो आरोपी में अपना नाम राजा बर्दल उर्फ बवंडर (22) निवासी महोबा जिला यूपी बताया, जो वर्तमान झुग्गी नंबर 105 सब्जी फॉर्म गुलाब नगर शाहपुरा में रहता है।

जिला बदर होने के बाद सावन दारू का परिवार झेल रहा था आर्थिक तंगी
पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि मेरे दोस्त सावन उर्फ सावन दारू का थाना हबीबगंज से जिला बदर पेश किया गया था, इसके बाद से सावन और उसके परिवार का पैसे की तंगी के कारण बुरा हाल था। इसलिए हम तीन लोगों ने एटीएम मशीनों की रेकी करनी शुरू की। सावन दारू, मैं और विजय। हम तीनों ने मिलकर 3 सितंबर को की रात को मोटर साइकिल पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज पास स्थित में एटीएम के बाहर शटर का ताला काटकर चोरी करने की कोशिश की, लेकिन सायरन बजने के कारण हम सब भाग गए थे। आरोपी के बयान पर चूनाभट्टी पुलिस ने राज्य सुरक्षा 1990 अधिनियम (रासुका) के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज किया है।



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