सांवेर में मेट्रो ट्रेन चलाने का वादा क्या कम था जो जनता के वोट को बेच दिया, सिलावट के स्वार्थ के कारण ही लोगों को फिर से लाइन में लगना पड़ेगा

Posted By: Himmat Jaithwar
10/8/2020

इंदौर। सांवेर की जनता को मंत्री तुलसी सिलावट के स्वार्थ के कारण इस कोरोना महामारी में चुनाव के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। कमलनाथ ने सांवेर में मेट्रो ट्रेन चलाने का वादा किया था, क्या इतना काफी नहीं था सिलावट के लिए। जो उन्होंने जनता के वोट को बेच दिया। यह बात सांवेर में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कही। सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया से किसी को उम्मीद नहीं थी कि वो पार्टी छोड़कर जाएंगे। कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया। सिंधिया और उनके समर्थकों ने गद्दारी करके जनता का बहुत बड़ा अपमान किया है।

सिंधिया को कांग्रेस ने बहुत कुछ दिया, वे 20 साल सांसद रहे
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि सिंधिया को कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया। 20 साल सांसद रहे। पांच साल केंद्रीय मंत्री रहे, लेकिन जिस दिन सिंधिया, उनके समर्थक मंत्री, विधायकों ने पद से इस्तीफा दिया, हमने उसी दिन ही तय कर लिया था कि आने वाले समय में पूरी ताकत से हम काम करके पार्टी के साथ और जनता के साथ गद्दारी करने वालों को सबक सिखांएगे। हर विधायक जनता के आशीर्वाद से चुनाव जीतता है, जनता उसे पांच साल के लिए चुनती है, लेकिन कोई विधायक या मंत्री जनता के वोट को बेचकर उस पार्टी में शामिल हो जाए, जिसके खिलाफ उसने वोट किया था, तो इससे बड़ा जनता का अपमान नहीं हो सकता।

कर्जमाफी, बिजली बिल में कमी क्या कमलनाथ की गलती थी
कांग्रेस उम्मीदवार गुड्डू को लेकर कहा कि वे पहले भी यहां से विधायक रह चुके हैं। जनता आज भी उनके कार्यकाल को याद करती है, चाहे फिर वो डेम निर्माण हो या सड़क निर्माण हो। सांवेर का हर मतदाता यह पूछ रहा है जिन्हें 2 साल पहले उन्होंने वोट देकर जिताया, उन्होंने 15 महीने में ही इस्तीफा क्यों दे दिया। क्या गलती थी कमलनाथ की। कर्जमाफी की तो कमलनाथ ने की। भाजपा के कृषि मंत्री ने विधानसभा में स्वीकार किया कि कांग्रेस सरकार में 27 लाख किसानों का करीब 11 हजार करोड़ का कर्जमाफी किया। कमलनाथ ने बिजली बिल कम किए, पेंशन दोगुनी की, गौ शालाएं खोलीं।

मेट्रो ट्रेन सांवेर तक पहुंचाने का वादा क्या कम था
सिंह ने कहा कि मेट्रो के उद्घाटन के समय कमलनाथ ने वादा किया था कि सांवेर में मेट्रो चलाएंगे। यह क्या तुलसी सिलावट के लिए काफी नहीं था। काेराेना संकट काल में सिलावट के स्वार्थ की वजह से जनता को चुनाव में फिर से लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कोरोना को लेकर कहा कि मप्र में पर्याप्त टेस्टिंग नहीं हो पा रही है, ना ही पर्याप्त बेड हैं। इन्होंने उस समय सरकार गिराई, जब यह महामारी तेजी से फैल रही थी। इन्हें जनता की परवाह, नहीं सत्ता की भूख है। जो लोग ये सोचते हैं कि पैसे के दाम पर सत्ता मिलती है, उन्हें 3 नंवबर को जनता ही सबक सिखाएगी। तीन दिन में 70 लाख पकडा़ने पर कहा कि पाप के रुपए का लाभ कभी नहीं मिलता।

जनता चाहती है कमलनाथ को पूरे पांच साल मिलें
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि हम प्रदेश की सभी 28 सीटों पर इस उम्मीद से चुनाव लड़ रहे हैं कि जनता का पूरा आशीर्वाद कांग्रेस के उम्मीदवार को मिलेगा। कमलनाथ ने 15 महीने की सरकार में भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया। 15 सालों में भाजपा ने कभी ऐसा नहीं किया। कमलनाथ निस्वार्थ रूप से जनता की सिर्फ सेवा कर रहे थे। भाजपा के बड़े-बड़े दलालों को कमलनाथ ने सबक सिखाया। शायद यही गलती कमलनाथ की थी। मिलावटखोरों पर भी जमकर कार्रवाई की गई। जो अभियान कमलनाथ ने चलाए थे, उनके प्रति प्रदेशभर में सहानुभूति है। जनता चाहती है कि कमलनाथ को पूरे पांच साल दिए जाएं। 10 नवंबर को नतीजे आएंगे, तो कमलनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।

जो भाजपा नेता कभी इन्हें चुनाव हराते थे, ये उन्हीं के सिर पर जा बैठे
भाजपा के सत्ता जाने के बाद कमलनाथ को नींद नहीं आती वाले बताया पर कहा कि जो पुराने भाजपाई हैं उसने पूछ लीजिए। नए-नए भाजपाई उनके सिर पर आकर बैठ गए हैं। मुझे दया आती है, सांवेर के जो पहले बड़े नेता थे, जो उन्हें हराते थे, आज उन्हीं के सिर पर वे बैठ गए हैं। इंदौर में भाजपा के कई नेता इनके कारण मंत्री नहीं बन पाए। कहीं न कहीं भाजपा के लोग दुखी हैं कैमरे के सामने तो नहीं, लेकिन पीछे पूछोगे तो वे वास्तविकता बताएंगे।



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