एदल जीते तो नया रिकॉर्ड बनेगा अजब जीते तो गजब हो जाएगा

Posted By: Himmat Jaithwar
11/1/2020

सुमावली। पहले दिग्विजय सिंह के कहने पर बसपा छोड़ कांग्रेस में गए और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए शिवराज सरकार में मंत्री एदल सिंह कंसाना के लिए सुमावली से पांचवीं बार चुनाव जीतने की जंग आसान नहीं लग रही है। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के अजब सिंह कुशवाह को 13,313 वोटों से हराया था।

अब एदल सिंह भाजपा में हैं और अजब सिंह कांग्रेस से मुकाबिल हैं। धनबल और बाहुबल के जरिए चुनाव जीतने के सारे दंद-फंद यहां देखे जा सकते हैं। फिलहाल दोनों ही उम्मीदवारों को अपने-अपने दलों के पुराने चेहरों का साथ नहीं मिल रहा है।

एदल सिंह के लिए इससे विपरीत परिस्थिति और क्या होगी कि 2013 में यहां भाजपा से जीते सतपाल सिंह सिकरवार और उनके पिता दो बार के विधायक गजराज सिंह सिकरवार को पार्टी ने मतदान के एक सप्ताह पहले अनूपपुर और मांधाता भेज दिया। पार्टी को शिकायत मिली थी कि पिता-पुत्र यहां भाजपा के लिए काम नहीं कर रहे थे।

गजराज के पुत्र और सतपाल के भाई सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर को ठाकुर मतदाताओं के वोट भाजपा को दिलाने के लिए जमकर मशक्कत करनी पड़ रही है। कारण यह कि पिछले दिनों एदल सिंह के समर्थकों का ठाकुरों के साथ विवाद हो गया था। इसके बाद ठाकुर मतदाता एदल सिंह से नाराज बताए जा रहे हैं। यही बात कांग्रेस खेमे के लिए संतोष की है। उधर बसपा के राहुल दंडोतिया भी मैदान में डटे हैं। पिछली बार बसपा ने 31,300 वोट हासिल किए थे।

सबकी अपनी-अपनी तैयारी

मुरैना शहर से सटे इस विधानसभा क्षेत्र में मतदान को प्रभावित करने के लिए बाहुबलियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अवैध हथियारों और बाहरी संदिग्ध लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जा रहा है। पिछले चुनावों में सुमावली और आसपास के गांवों में हिंसा की छुटपुट घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

वोट की गारंटी पर हैंडपंप लगवाने का वादा

एदल सिंह एक पर्ची पर हैंडपंप लगाने का वायदा लिख रहे हैं। वोट की गारंटी मिलने पर यह पर्ची मतदाताओं को दे देते हैं। कुछ स्थानों पर पर्ची के साथ नोट दिए जाने की भी चर्चा है।

पिछड़ेपन और कंसाना की छवि को बनाया मुद्दा

अजबसिंह क्षेत्र के पिछड़ेपन को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके भाषणों में कमलनाथ की तारीफ और कंसाना की बाहुबली वाली छवि के बोल ज्यादा सुनाई दे रहे हैं।

जीत का रिकाॅर्ड एदल सिंह के नाम

पिछले दस चुनावों पर नजर डालें तो कंसाना ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो यहां से दो बार लगातार और कुल चार बार चुनाव जीत चुके हैं। वे 1993, 1998, 2008 और 2018 में इस सीट से जीते हैं। गजराज सिंह सिकरवार यहां से 1990 और 2003 में दो बार विधायक चुने गए। एदल सिंह के अलावा कोई भी नेता लगातार दो चुनाव नहीं जीता। वे इस बार जीते तो 5 बार जीतने का नया रिकॉर्ड बन जाएगा।



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